www.vaidiksanskrit.com

रविवार, 14 फ़रवरी 2016

वैलेंटाइन की असलियत

वैलेंटाइन की असलियत सुनिएः---
https://www.youtube.com/watch?v=V1nW7hUGJws
=========================================
www.vaidiksanskrit.com
++++++++++++++++++++++++

मित्रो !!! पूरा यूरोप और अमेरिका रखैलों का समाज है । आपको विश्वास नहीं होगा । इस पोस्ट पढें या ऊपर दिए वीडियों में श्री राजीव दीक्षित जी का खोजपूर्ण वक्तव्य सुनें ।


यूरोप के लोग विवाह नहीं करते हैं, बल्कि पशुओं की तरह रहते हैं । स्त्री को वस्तु मानते हैं, जिसमें आत्मा नाम की कोई चीज नहीं होती है , एक से सन्तुष्ट हो जाओ या मन भर जाए या अनुपयोगी हो जाए या वृद्धा हो जाए तो उसे वस्तु की तरह फेंक दो और बाजार से दूसरी औरत ले आओ, क्योंकि उनके बाजार औरते पैसे पर मिलती है । उसके साथ कुछ दिन रहो, फिर बदल लो ।

अमेरिकी और यूरोपीय समाज में भाई-बहन का रिश्ता नहीं होता, जब जिसके साथ चाहो, सेक्स करो । वहाँ के 80 प्रतिशत बच्चों को अपने बाप पता नहीं रहता, क्योंकि एक औरत कई पुरुषों से सेक्स करती है, पता नहीं किसके वीर्य से कौन-सा बच्चा पैदा हुआ ।

( www.facebook.com/vaidiksanskrit )

आजकल आपने एक नया शब्द सुना होगा, जो उन्हीं की देन हैः---
"Live in Relationship" ये शब्द आज कल हमारे देश में भी नव-अभिजात्य वर्ग में चल रहा है, इसका मतलब होता है कि "बिना शादी के पती-पत्नी की तरह से रहना" । तो उनके यहाँ, मतलब यूरोप और अमेरिका में ये परंपरा आज भी चलती है ।

खुद प्लेटो (एक यूरोपीय दार्शनिक) का एक स्त्री से सम्बन्ध नहीं रहा, प्लेटो
ने लिखा है कि "मेरा 20-22 स्त्रियों से सम्बन्ध रहा है" अरस्तु भी यही कहता
है, देकातेर् भी यही कहता है, और रूसो ने तो अपनी आत्मकथा में लिखा है कि "एक स्त्री के साथ रहना, ये तो कभी संभव ही नहीं हो सकता, It's Highly Impossible" |

तो वहाँ एक पत्नी जैसा कुछ होता नहीं और इन सभी तुच्छ दार्शनिकों का तो
कहना है कि "स्त्री में तो आत्मा ही नहीं होती" "स्त्री तो मेज और कुर्सी के
समान हैं, जब पुराने से मन भर गया तो पुराना हटा के नया ले आये " तो बीच-बीच में यूरोप में कुछ-कुछ ऐसे लोग निकले जिन्होंने इन बातों का विरोध किया और इन रहन-सहन की व्यवस्थाओं पर कड़ी टिप्पणी की | उन कुछ लोगों में से एक ऐसे ही यूरोपियन व्यक्ति था जो आज से लगभग 1500 साल पहले पैदा हुए, उनका नाम था - वैलेंटाइन | और ये कहानी है 478 AD (after death) की, यानि ईसा मसीह की मृत्यु के बाद |

( www.facebook.com/girvanvani )

उस वैलेंटाइन नाम के महापुरुष का कहना था कि "हम लोग (यूरोप के लोग) जो
शारीरिक सम्बन्ध रखते हैं कुत्तों की तरह से, जानवरों की तरह से, ये अच्छा
नहीं है, इससे सेक्स-जनित रोग (veneral disease) होते हैं, इनको सुधारो, एक
पति-एक पत्नी के साथ रहो, विवाह कर के रहो, शारीरिक संबंधो को उसके बाद ही शुरू करो" ऐसी-ऐसी बातें वो करते थे और वो वैलेंटाइन महाशय उन सभी लोगों को ये सब सिखाते थे, बताते थे, जो उनके पास आते थे, रोज उनका भाषण यही चलता था रोम में घूम-घूम कर |

संयोग से वो चर्च के पादरी हो गए तो चर्च में आने वाले हर व्यक्ति को यही
बताते थे, तो लोग उनसे पूछते थे कि ये वायरस आप में कहाँ से घुस गया, ये तो
हमारे यूरोप में कहीं नहीं है, तो वो कहते थे कि "आजकल मैं भारतीय सभ्यता और दर्शन का अध्ययन कर रहा हूँ, और मुझे लगता है कि वो परफेक्ट है, और इसिलए मैं चाहता हूँ कि आप लोग इसे मानो", तो कुछ लोग उनकी बात को मानते थे, तो जो लोग उनकी बात को मानते थे, उनकी शादियाँ वो चर्च में कराते थे और एक-दो नहीं उन्होंने सैकड़ों शादियाँ करवाई थी |

( www.facebook.com/laukiksanskrit )

जिस समय वैलेंटाइन हुए, उस समय रोम का राजा था क्लौड़ीयस । क्लौड़ीयस ने कहा कि "ये जो आदमी है-वैलेंटाइन, ये हमारे यूरोप की परंपरा को बिगाड़ रहा है, हम बिना शादी के रहने वाले लोग हैं, मौज-मजे में डूबे रहने वाले लोग हैं, और ये शादियाँ करवाता फ़िर रहा है, ये तो अपसंस्कृति फैला रहा है, हमारी संस्कृति
को नष्ट कर रहा है", तो क्लौड़ीयस ने आदेश दिया कि "जाओ वैलेंटाइन को पकड़ के लाओ ", तो उसके सैनिक वैलेंटाइन को पकड़ के ले आये |

क्लौड़ीयस ने वैलेंटाइन से कहा कि "ये तुम क्या गलत काम कर रहे हो ? तुम अधर्म फैला रहे हो, अपसंस्कृति ला रहे हो" तो वैलेंटाइन ने कहा कि "मुझे लगता है कि ये ठीक है" , क्लौड़ीयस ने उसकी एक बात न सुनी और उसने वैलेंटाइन को फाँसी की सजा दे दी, आरोप क्या था कि वो बच्चों की शादियाँ कराते थे, मतलब शादी करना जुर्म था | क्लौड़ीयस ने उन सभी बच्चों को बुलाया, जिनकी शादी वैलेंटाइन ने करवाई थी और उन सभी के सामने वैलेंटाइन को 14 फ़रवरी 498 ईःवी को फाँसी दे दिया गया |

( www.facebook.com/shishusanskritam )

पता नहीं आप में से कितने लोगों को मालूम है कि पूरे यूरोप में 1950 ईःवी तक
खुले मैदान में, सावर्जानिक तौर पर फाँसी देने की परंपरा थी | तो जिन बच्चों
ने वैलेंटाइन के कहने पर शादी की थी वो बहुत दुखी हुए और उन सब ने उस
वैलेंटाइन की दुखद याद में 14 फ़रवरी को वैलेंटाइन डे मनाना शुरू किया तो उस
दिन से यूरोप में वैलेंटाइन डे मनाया जाता है | मतलब ये हुआ कि वैलेंटाइन, जो कि यूरोप में शादियाँ करवाते फ़िरते थे, चूकी राजा ने उनको फाँसी की सजा दे दी, तो उनकी याद में वैलेंटाइन डे मनाया जाता है | ये था वैलेंटाइन डे का इतिहास और इसके पीछे का आधार |

अब यही वैलेंटाइन डे भारत आ गया है जहाँ शादी होना एकदम सामान्य बात है यहाँ तो कोई बिना शादी के घूमता हो तो अद्भुत या अचरज लगे लेकिन यूरोप में शादी होना ही सबसे असामान्य बात है | अब ये वैलेंटाइन डे हमारे स्कूलों में कॉलजों में आ गया है और बड़े धूम-धाम से मनाया जा रहा है और हमारे यहाँ के
लड़के-लड़िकयाँ बिना सोचे-समझे एक दुसरे को वैलेंटाइन डे का कार्ड दे रहे हैं
|

जो कार्ड होता है उसमे लिखा होता है " Would You Be My Valentine" जिसका मतलब होता है "क्या आप मुझसे शादी करेंगे" | मतलब तो किसी को मालूम होता नहीं है, वो समझते हैं कि जिससे हम प्यार करते हैं उन्हें ये कार्ड देना चाहिए तो वो इसी कार्ड को अपने मम्मी-पापा को भी दे देते हैं, दादा-दादी को भी दे देते हैं और एक दो नहीं दस-बीस लोगों को ये ही कार्ड वो दे देते हैं |

( www.facebook.com/jnanodaya )


और इस धंधे में बड़ी-बड़ी कंपिनयाँ लग गयी हैं जिनको कार्ड बेचना है, जिनको
गिफ्ट बेचना है, जिनको चाकलेट बेचनी हैं और टेलीविजन चैनल वालों ने इसका
धुआँधार प्रचार कर दिया | ये सब लिखने के पीछे का उद्देश्य यही है कि नक़ल आप करें तो उसमे अकल भी लगा लिया करें | उनके यहाँ साधारणतया शादियाँ नहीं होती है और जो शादी करते हैं वो वैलेंटाइन डे मनाते हैं लेकिन हम भारत में क्यों ??????

www.facebook.com/chaanakyaneeti

वैलेंटाइन-डे प्रेम दिवस नही विनाश दिवस है युवावर्ग के लिए...!!!
===========================================
www.facebook.com/satyasanatanvaidik

(1.) आज समाज में प्रेम-दिवस (वेलेन्टाइन डे) के नाम पर जो विनाशकारी काम विकार का विकास हो रहा है, वो आगे चलकर चिड़चिड़ापन, डिप्रेशन, खोखलापन, बुढ़ापा और जल्द मौत लाने वाला साबित होगा।

(2.) इन्नोसन्टी रिपोर्ट कार्ड' के अनुसार 28 विकसित देशों में हर साल 13 से 19 वर्ष की 12 लाख 50 हजार किशोरियाँ गर्भवती हो जाती हैं। उनमें से 5 लाख गर्भपात कराती हैं और 7 लाख 50 हजार कुँवारी माता बन जाती हैं।

(3.) अमेरिका में हर साल 4 लाख 94 हजार अनाथ बच्चे जन्म लेते हैं और 30 लाख किशोर-किशोरियाँ यौन रोगों के शिकार होते हैं। यौन संबन्ध करने वालों में 25% किशोर-किशोरियाँ यौन रोगों से पीड़ित हैं।

(4.) असुरक्षित यौन संबंध करने वालों में 50% को गोनोरिया, 33% को जैनिटल हर्पिस और एक प्रतिशत के एड्स का रोग होने की संभावना है। एडस के नये रोगियों में 25% 22 वर्ष से छोटी उम्र के होते हैं।

(5.) विदेशों में गर्भपात करानेवाली किशोरियां- 5,00,000 कुँवारी माता बनकर नर्सिंग होम, सरकार व माँ-बाप पर बोझा बनने वाले अथवा वैश्यावृत्ति धारण करने वाली किशोरियाँ 7 लाख कुछ हज़ार है।

(6.) थाईलैंड की रिपोर्ट अनुसार 15 से 19 साल की लड़कियाँ 1हज़ार में से 50 लड़कियाँ माँ बन जाती हैं।

और 10 से 19 साल के युवाओं में यौन संबंधी रोग पांच गुना तक बढ़ गए हैं। थाईलैंड में क़रीब चार लाख 50 हज़ार लोगो को HIV रोग से पीड़ित है।

(7.) आज अमेरिका के 33% स्कूलों में यौन शिक्षा के अंतर्गत 'केवल संयम' की शिक्षा दी जाती है। इसके लिए अमेरिका ने 40 करोड़ से अधिक डॉलर (20 अरब रूपये) खर्च किये हैं।

(8.) भारतवासियों प्रेम दिवस जरूर मनायें, लेकिन प्रेमदिवस में संयम और सच्चा विकास लाना चाहिए। युवक युवती मिलेंगे तो प्रेम दिवस नही विनाश-दिवस बनेगा।

www.facebook.com/jaibharatmahan
===========================
हमारे सहयोगी पृष्ठः--
(1.) वैदिक संस्कृत
www.facebook.com/vaidiksanskrit
www.facebook.com/vedisanskrit
(2.) लौकिक संस्कृत
www.facebook.com/laukiksanskrit
(3.) ज्ञानोदय
www.facebook.com/jnanodaya
(4.) शिशु-संस्कृतम्
www.facebook.com/shishusanskritam
(5.) मन की बात
www.facebook.com/gyankisima
(6.) चाणक्य नीति
www.facebook.com/chaanakyaneeti
(7.) गीर्वाणवाणी
www.facebook.com/girvanvani
(8.) भारत महान्
www.facebook.com/jaibharatmahan
(9.) कथा-मञ्जरी
www.facebook.com/kathamanzari
(10.) काव्याञ्जलिः
www.facebook.com/kavyanzali
हमारे समूहः---
(1.) वैदिक संस्कृत
https://www.facebook.com/groups/www.vaidiksanskrit
(2.) लौकिक संस्कृत
https://www.facebook.com/groups/laukiksanskrit
(3.) ज्ञानोदय
https://www.facebook.com/groups/jnanodaya
(4.) नीतिदर्पण
https://www.facebook.com/groups/neetidarpan
(5.) भाषाणां जननी संस्कृत भाषा
https://www.facebook.com/groups/bhashanam
(6.) शिशु संस्कृतम्
https://www.facebook.com/groups/bharatiyasanskrit
(7.) संस्कृत प्रश्नमञ्च
https://www.facebook.com/groups/sanskritprashna
(8.) भारतीय महापुरुष
https://www.facebook.com/groups/bharatiyamaha
(9.) आयुर्वेद और हमारा जीवन
https://www.facebook.com/groups/vedauraaryurved
(10.) जीवन का आधार
https://www.facebook.com/groups/tatsukhe
(11.) आर्यावर्त्त निर्माण
https://www.facebook.com/groups/aaryavartnirman
(12.) कृण्वन्तो विश्वमार्यम्
https://www.facebook.com/groups/krinvanto
(13) कथा-मञ्जरी
https://www.facebook.com/groups/kathamanzari
(14.) आर्य समाज पंजाब
https://www.facebook.com/groups/aryasamaja
(15.) आर्य फेसबुक
https://www.facebook.com/groups/aryavaidik

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें