www.vaidiksanskrit.com

मंगलवार, 16 अगस्त 2016

मदन लाल ढींगरा

!!!---: मदन लाल ढींगरा :---!!!
===========================

जन्म :--- 18 फ़रवरी, 1883 ई.
जन्म भूमि :-- पंजाब
मृत्यु :--- 17 अगस्त, 1909 ई.
मृत्यु स्थान :-- लंदन, इंग्लैंड
मृत्यु कारण :--- फाँसी
नागरिकता :--- भारतीय
प्रसिद्धि :--- स्वतंत्रता सेनानी
धर्म :--- हिन्दू
विद्यालय :--- 'यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन'
अन्य जानकारी :--- ढींगरा 'अभिनव भारत मंडल' के सदस्य होने के साथ ही 'इंडिया हाउस' नाम के संगठन से भी जुड़े थे, जो भारतीय विद्यार्थियों के लिए राजनीतिक गतिविधियों का आधार था।

मदन लाल ढींगरा
===================

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महान क्रान्तिकारी थे। स्वतंत्रत भारत के निर्माण के लिए भारत-माता के कितने शूरवीरों ने हंसते-हंसते अपने प्राणों का उत्सर्ग किया था, उन्हीं महान शूरवीरों में ‘अमर शहीद मदन लाल ढींगरा’ का नाम स्वर्णाक्षरों में लिखे जाने योग्य हैं। अमर शहीद मदनलाल ढींगरा महान देशभक्त, धर्मनिष्ठ क्रांतिकारी थे- वे भारत माँ की आज़ादी के लिए जीवन-पर्यन्त प्रकार के कष्ट सहन किए परन्तु अपने मार्ग से विचलित न हुए और स्वाधीनता प्राप्ति के लिए फांसी पर झूल गए।

आरंभिक जीवन
==================

मदन लाल ढींगरा का जन्म सन् 1883 में पंजाब में एक संपन्न हिंदू परिवार में हुआ था। उनके पिता सिविल सर्जन थे और अंग्रेज़ी रंग में पूरे रंगे हुए थे; परंतु माताजी अत्यन्त धार्मिक एवं भारतीय संस्कारों से परिपूर्ण महिला थीं। उनका परिवार अंग्रेजों का विश्वासपात्र था। जब मदन लाल को भारतीय स्वतंत्रता सम्बन्धी क्रान्ति के आरोप में लाहौर के एक विद्यालय से निकाल दिया गया, तो परिवार ने मदन लाल से नाता तोड लिया। मदन लाल को एक क्लर्क रूप में, एक तांगा-चालक के रूप में और एक कारखाने में श्रमिक के रूप में काम करना पडा। वहाँ उन्होंने एक यूनियन (संघ) बनाने का प्रयास किया; परंतु वहां से भी उन्हें निकाल दिया गया। कुछ दिन उन्होंने मुम्बई में भी काम किया। अपनी बड़े भाई से विचार विमर्श कर वे सन् 1906 में उच्च शिक्षा के लिए इंग्लैड गये जहां 'यूनिवर्सिटी कॉलेज' लंदन में यांत्रिक प्रौद्योगिकी में प्रवेश लिया। इसके लिए उन्हें उनके बडे भाई एवं इंग्लैंड के कुछ राष्ट्रवादी कार्यकर्ताओं से आर्थिक सहायता मिली।[1]

सावरकर का सान्निध्य
====================

लंदन में वह विनायक दामोदर सावरकर और श्याम जी कृष्ण वर्मा जैसे कट्टर देशभक्तों के संपर्क में आए। सावरकर ने उन्हें हथियार चलाने का प्रशिक्षण दिया। ढींगरा 'अभिनव भारत मंडल' के सदस्य होने के साथ ही 'इंडिया हाउस' नाम के संगठन से भी जुड़ गए जो भारतीय विद्यार्थियों के लिए राजनीतिक गतिविधियों का आधार था। इस दौरान सावरकर और ढींगरा के अतिरिक्त ब्रिटेन में पढ़ने वाले अन्य बहुत से भारतीय छात्र भारत में खुदीराम बोस, कनानी दत्त, सतिंदर पाल और कांशीराम जैसे देशभक्तों को फांसी दिए जाने की घटनाओं से तिलमिला उठे और उन्होंने बदला लेने की ठानी।

कर्ज़न वाइली की हत्या
=====================

1 जुलाई 1909 को 'इंडियन नेशनल एसोसिएशन' के लंदन में आयोजित वार्षिक दिवस समारोह में बहुत से भारतीय और अंग्रेज़ शामिल हुए। ढींगरा इस समारोह में अंग्रेज़ों को सबक सिखाने के उद्देश्य से गए थे। अंग्रेज़ों के लिए भारतीयों से जासूसी कराने वाले ब्रिटिश अधिकारी सर कर्ज़न वाइली ने जैसे ही हाल में प्रवेश किया तो ढींगरा ने रिवाल्वर से उस पर चार गोलियां दाग़ दीं। कर्ज़न को बचाने की कोशिश करने वाला पारसी डॉक्टर कोवासी ललकाका भी ढींगरा की गोलियों से मारा गया।

निधन
=============

कर्ज़न वाइली को गोली मारने के बाद मदन लाल ढींगरा ने अपने पिस्तौल से अपनी हत्या करनी चाही; परंतु उन्हें पकड लिया गया। 23 जुलाई को ढींगरा के प्रकरण की सुनवाई पुराने बेली कोर्ट, लंदन में हुई। उनको मृत्युदण्ड दिया गया और 17 अगस्त सन् 1909 को फांसी दे दी गयी। इस महान क्रांतिकारी के रक्त से राष्ट्रभक्ति के जो बीज उत्पन्न हुए वह हमारे देश के लिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण योगदान है।
==============================

www.vaidiksanskrit.com

===============================
हमारे सहयोगी पृष्ठः--
(1.) वैदिक साहित्य हिन्दी में
www.facebook.com/vaidiksanskrit
(2.) वैदिक साहित्य और छन्द
www.facebook.com/vedisanskrit
(3.) लौकिक साहित्य हिन्दी में
www.facebook.com/laukiksanskrit
(4.) संस्कृत निबन्ध
www.facebook.com/girvanvani
(5.) संस्कृत सीखिए--
www.facebook.com/shishusanskritam
(6.) चाणक्य नीति
www.facebook.com/chaanakyaneeti
(7.) संस्कृत-हिन्दी में कथा
www.facebook.com/kathamanzari
(8.) संस्कृत-काव्य
www.facebook.com/kavyanzali
(9.) आयुर्वेद और उपचार
www.facebook.com/gyankisima
(10.) भारत की विशेषताएँ--
www.facebook.com/jaibharatmahan
(11.) आर्य विचारधारा
www.facebook.com/satyasanatanvaidi
(12.) हिन्दी में सामान्य-ज्ञान
www.facebook.com/jnanodaya
(13.) संदेश, कविताएँ, चुटकुले आदि
www.facebook.com/somwad
(14.) उर्दू-हिन्दी की गजलें, शेर-ओ-शायरी
www.facebook.com/dilorshayari
(15.) अन्ताराष्ट्रिय कवि प्रवीण शुक्ल
www.facebook.com/kavipraveenshukla
(16.) सूक्ति-सुधा
www.facebook.com/suktisudha
(17.) आर्यावर्त्त-गौरवम्
www.facebook.com/aryavartgaurav
(18.) संस्कृत नौकरी
www.facebook.com/sanskritnaukari
हमारे समूहः---
(1.) वैदिक संस्कृत
https://www.facebook.com/groups/www.vaidiksanskrit
(2.) लौकिक संस्कृत
https://www.facebook.com/groups/laukiksanskrit
(3.) ज्ञानोदय
https://www.facebook.com/groups/jnanodaya
(4.) नीतिदर्पण
https://www.facebook.com/groups/neetidarpan
(5.) भाषाणां जननी संस्कृत भाषा
https://www.facebook.com/groups/bhashanam
(6.) शिशु संस्कृतम्
https://www.facebook.com/groups/bharatiyasanskrit
(7.) संस्कृत प्रश्नमञ्च
https://www.facebook.com/groups/sanskritprashna
(8.) भारतीय महापुरुष
https://www.facebook.com/groups/bharatiyamaha
(9.) आयुर्वेद और हमारा जीवन
https://www.facebook.com/groups/vedauraaryurved
(10.) जीवन का आधार
https://www.facebook.com/groups/tatsukhe
(11.) आर्यावर्त्त निर्माण
https://www.facebook.com/groups/aaryavartnirman
(12.) कृण्वन्तो विश्वमार्यम्
https://www.facebook.com/groups/krinvanto
(13) कथा-मञ्जरी
https://www.facebook.com/groups/kathamanzari
(14.) आर्य फेसबुक
https://www.facebook.com/groups/aryavaidik
(15.) गीर्वाणवाणी
https://www.facebook.com/groups/girvanvani
(16) वीरभोग्या वसुन्धरा
https://www.facebook.com/groups/virbhogya
(17.) चाणक्य नीति को पसन्द करने वाले मित्र
https://www.facebook.com/groups/chaanakyaneeti/
(18.) वैदिक संस्कृत मित्र
https://www.facebook.com/groups/vedicsanskrit/
(19.) कुसुमाञ्जलिः
https://www.facebook.com/groups/kusumanjali/
(20.) संस्कृत नौकरी 
https://www.facebook.com/groups/sanskritnaukari
(21.) सूक्ति-सूधा
https://www.facebook.com/groups/suktisudha/

सोमवार, 25 जुलाई 2016

अंग्रेजो ने भारत से कितना धन लूटा एवं यह कैसे प्रारंभ हुआ ?

अंग्रेजो ने भारत से कितना धन लूटा एवं यह कैसे प्रारंभ हुआ ?
=======================================

लूट के जो आंकड़ें प्राप्त हैं वह ही इतने बड़े है कि यदि ज्ञात एवं अज्ञात आंकड़ों का मिलान किया जाए तो सर चकरा जाता है।

२३ जून सन १७५७ जब प्लासी का ' युद्ध ' होना था " मीर जाफर " ने १ करोड़ स्वर्ण मुद्राओं एवं उच्च राजपद की लालसा में विश्वासघात किया था।

अपने ही राजा (सिराज उद्दौला) के १८ सहस्त्र (हज़ार) भारतीय सैनिकों को मात्र ३५० अंग्रेज सैनिकों के सामने आत्मसमर्पण के लिए बाध्य किया था अर्थात युद्ध हुआ ही नहीं था वरन एक संधि हुई थी, जिसमें एक सेठ " अमीचंद " रॉबर्ट क्लाईव की ओर से साक्षी बने थे।

अब इस संधि का परिणाम यह हुआ कि अंग्रेजों को बंगाल की दीवानी (कर लेने का अधिकार) एवं विशेष कर कलकत्ता का राज्य प्राप्त हुआ, जहाँ उन्होंने पहले मीर कासिम को राजा बनाया, उसे हटाया मीर जाफर को राजा बनाया, उसे हटाया एवं सत्ता औपचारिक रूप से भी अपने हाथ में कर ली।

सात वर्षों तक रोबर्ट क्लाईव ने कलकत्ता को लूटा। जब लूट कर लंदन ले गया तब लंदन की संसद में उससे बहस की गई कि तुम भारत से क्या लाए हो, तो उसने कहा " सोने चांदी से भरे जहाज लाया हूँ " मंत्री पूछते है कितने लाए हो " उसने कहा कि ९०० जहाज लाया हूँ "

प्रधानमंत्री अचंभित हो जाते है पूछते है, यह कहाँ से लाए हो, सम्पूर्ण भारत से ?
तब रॉबर्ट क्लाईव कहता है संपूर्ण भारत से नहीं, भारत के एक नगर कलकत्ता से संपूर्ण भारत में तो पता नहीं, कितना सोना चांदी है।

आगे उससे पूछा गया इसका मूल्यांकन क्या है,
तब वह कहता है ' वन थाउजेंड मिलियन स्टर्लिंग पाउंड ' सन १७५७ के स्टर्लिंग पौंड की कीमत ३०० गुना कम हुई है (जैसे दस-२० पैसा पहले अधिक हुआ करता था)

थाउजेंड = १,००० (एक सहस्त्र या एक हज़ार)
मिलियन = १०,००० (दस लाख)
पाउंड = ८० रु (औसत अभी तो ८२ है)
अर्थात १००० * १०००० * ३०० * ८० आप स्वयं निकल ले, लाख करोड़ में उत्तर आयेगा।
{ = २४०,००,००,००,००० रु }

मात्र एक विदेशी का संस्था अधिकारी रोबर्ट क्लाईव भारत से इतना धन ले गया था। पहले रॉबर्ट क्लाईव आया, उसने लूटा, तदुपरांत वॉरन हेस्टिंग्स, कर्ज़न, लिल्निथ्गो, डिकिंस, विलियम वेंटिंग, कोर्नवोलिस ऐसे ऐसे भारत में ८४ अधिकारी आये थे।

यह लूट का क्रम वर्षों तक चलता रहा अभी २०११ के अंत में खोजा गया चाय, मसालों एवं चांदी से भरा SS Mantola जहाज भी इसी पुस्तक का एक पन्ना है। भारत को ईश्वर ने बहुत धनवान बनाया है ।

बहुत से देशों को ईश्वर ने ही निर्धन बनाया है उनके यहाँ पूरे वर्ष में केवल ३-४ महीने सूर्य के दर्शन होते हैं। वही एक दो अन्न पैदा होते है गेहूँ-आलू, आलू-प्याज। धरती में भी खनिज पदार्थो की कमी रहती है। भारत तो कई कई वर्षों की लूट के बाद इतना अधिक धनवान है कि संभवतः केवल एक दो महादेश जैसे अफ्रीका आदि से ही उसकी तुलना की जा सकती है। इससे इस बात को भी बल मिलता है कि कई सहस्त्र वर्षों से भारत एवं अफ्रीका के बीच व्यापर इतना सफल कैसे रहा।



श्रीमान् राजीव दीक्षित जी
==============================

www.vaidiksanskrit.com

===============================
हमारे सहयोगी पृष्ठः--
(1.) वैदिक साहित्य हिन्दी में
www.facebook.com/vaidiksanskrit
(2.) वैदिक साहित्य और छन्द
www.facebook.com/vedisanskrit
(3.) लौकिक साहित्य हिन्दी में
www.facebook.com/laukiksanskrit
(4.) संस्कृत निबन्ध
www.facebook.com/girvanvani
(5.) संस्कृत सीखिए--
www.facebook.com/shishusanskritam
(6.) चाणक्य नीति
www.facebook.com/chaanakyaneeti
(7.) संस्कृत-हिन्दी में कथा
www.facebook.com/kathamanzari
(8.) संस्कृत-काव्य
www.facebook.com/kavyanzali
(9.) आयुर्वेद और उपचार
www.facebook.com/gyankisima
(10.) भारत की विशेषताएँ--
www.facebook.com/jaibharatmahan
(11.) आर्य विचारधारा
www.facebook.com/satyasanatanvaidi
(12.) हिन्दी में सामान्य-ज्ञान
www.facebook.com/jnanodaya
(13.) संदेश, कविताएँ, चुटकुले आदि
www.facebook.com/somwad
(14.) उर्दू-हिन्दी की गजलें, शेर-ओ-शायरी
www.facebook.com/dilorshayari
(15.) अन्ताराष्ट्रिय कवि प्रवीण शुक्ल
www.facebook.com/kavipraveenshukla
(16.) वीर भोग्या वसुन्धरा
www.facebook.com/virbhogya
(17.) आर्यावर्त्त-गौरवम्
www.facebook.com/aryavartgaurav
(18.) संस्कृत नौकरी
www.facebook.com/sanskritnaukari
हमारे समूहः---
(1.) वैदिक संस्कृत
https://www.facebook.com/groups/www.vaidiksanskrit
(2.) लौकिक संस्कृत
https://www.facebook.com/groups/laukiksanskrit
(3.) ज्ञानोदय
https://www.facebook.com/groups/jnanodaya
(4.) नीतिदर्पण
https://www.facebook.com/groups/neetidarpan
(5.) भाषाणां जननी संस्कृत भाषा
https://www.facebook.com/groups/bhashanam
(6.) शिशु संस्कृतम्
https://www.facebook.com/groups/bharatiyasanskrit
(7.) संस्कृत प्रश्नमञ्च
https://www.facebook.com/groups/sanskritprashna
(8.) भारतीय महापुरुष
https://www.facebook.com/groups/bharatiyamaha
(9.) आयुर्वेद और हमारा जीवन
https://www.facebook.com/groups/vedauraaryurved
(10.) जीवन का आधार
https://www.facebook.com/groups/tatsukhe
(11.) आर्यावर्त्त निर्माण
https://www.facebook.com/groups/aaryavartnirman
(12.) कृण्वन्तो विश्वमार्यम्
https://www.facebook.com/groups/krinvanto
(13) कथा-मञ्जरी
https://www.facebook.com/groups/kathamanzari
(14.) आर्य फेसबुक
https://www.facebook.com/groups/aryavaidik
(15.) गीर्वाणवाणी
https://www.facebook.com/groups/girvanvani
(16) वीरभोग्या वसुन्धरा
https://www.facebook.com/groups/virbhogya
(17.) चाणक्य नीति को पसन्द करने वाले मित्र
https://www.facebook.com/groups/chaanakyaneeti/
(18.) वैदिक संस्कृत मित्र
https://www.facebook.com/groups/vedicsanskrit/
(19.) कुसुमाञ्जलिः
https://www.facebook.com/groups/kusumanjali/
(20.) संस्कृत नौकरी 
https://www.facebook.com/groups/sanskritnaukari/

रविवार, 10 जुलाई 2016

नीदरलैण्ड में अब गीता पढाई जाएगी....

जो भारत में न हो सका, वह नीदरलैण्ड में हो गया...।
===============================

नीदरलैण्ड की सरकार ने एक कानून पास किया है कि वहाँ के विद्यालयों में अब पाँचवीं कक्षा से गीता पढायी जाएगी ।

इस कानून के पास कराने में प्रमुख विपक्षी दल ने भरपूर सहयोग किया है ।

आपको बता दे कि प्रमुख विपक्षी दल के मुख्य नेता गीर्ट बिल्टेस अगले चुनाव में राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार है, जो जीतते हुए दिखाई दे रहे हैं ।

आपको पता होगा कि नीदरलैण्ड ईसाई बहुल देश है, जहाँ 97 प्रतिशत ईसाई रहते हैं ।

भारत जहाँ बहुसंख्यक हिन्दू हैं, अपने विद्यालयों में गीता को एक विषय के रूप में अभी तक लागू नहीं कर सका है । यह भारत के लिए बहुत दुःखदायी है कि उसकी अमूल्य सम्पत्ति का उपयोग कोई और कर रहा है और मुँह ताक रहा है ।

नीदरलैण्ड सरकार का मानना है कि गीता के पढने से मानसिक विकास होता है, जो कि बालकों के लिए आवश्यक है ।
==============================
===============================
हमारे सहयोगी पृष्ठः--
(1.) वैदिक साहित्य हिन्दी में
www.facebook.com/vaidiksanskrit
(2.) वैदिक साहित्य और छन्द
www.facebook.com/vedisanskrit
(3.) लौकिक साहित्य हिन्दी में
www.facebook.com/laukiksanskrit
(4.) संस्कृत निबन्ध
www.facebook.com/girvanvani
(5.) संस्कृत सीखिए--
www.facebook.com/shishusanskritam
(6.) चाणक्य नीति
www.facebook.com/chaanakyaneeti
(7.) संस्कृत-हिन्दी में कथा
www.facebook.com/kathamanzari
(8.) संस्कृत-काव्य
www.facebook.com/kavyanzali
(9.) आयुर्वेद और उपचार
www.facebook.com/gyankisima
(10.) भारत की विशेषताएँ--
www.facebook.com/jaibharatmahan
(11.) आर्य विचारधारा
www.facebook.com/satyasanatanvaidik
(12.) हिन्दी में सामान्य-ज्ञान
www.facebook.com/jnanodaya
(13.) संदेश, कविताएँ, चुटकुले आदि
www.facebook.com/somwad
(14.) उर्दू-हिन्दी की गजलें, शेर-ओ-शायरी
www.facebook.com/dilorshayari
(15.) अन्ताराष्ट्रिय कवि प्रवीण शुक्ल
www.facebook.com/kavipraveenshukla
(16.) वीर भोग्या वसुन्धरा
www.facebook.com/virbhogya
(17.) आर्यावर्त्त-गौरवम्
www.facebook.com/aryavartgaurav
(18.) संस्कृत नौकरी
www.facebook.com/sanskritnaukari
हमारे समूहः---
(1.) वैदिक संस्कृत
https://www.facebook.com/groups/www.vaidiksanskrit
(2.) लौकिक संस्कृत
https://www.facebook.com/groups/laukiksanskrit
(3.) ज्ञानोदय
https://www.facebook.com/groups/jnanodaya
(4.) नीतिदर्पण
https://www.facebook.com/groups/neetidarpan
(5.) भाषाणां जननी संस्कृत भाषा
https://www.facebook.com/groups/bhashanam
(6.) शिशु संस्कृतम्
https://www.facebook.com/groups/bharatiyasanskrit
(7.) संस्कृत प्रश्नमञ्च
https://www.facebook.com/groups/sanskritprashna
(8.) भारतीय महापुरुष
https://www.facebook.com/groups/bharatiyamaha
(9.) आयुर्वेद और हमारा जीवन
https://www.facebook.com/groups/vedauraaryurved
(10.) जीवन का आधार
https://www.facebook.com/groups/tatsukhe
(11.) आर्यावर्त्त निर्माण
https://www.facebook.com/groups/aaryavartnirman
(12.) कृण्वन्तो विश्वमार्यम्
https://www.facebook.com/groups/krinvanto
(13) कथा-मञ्जरी
https://www.facebook.com/groups/kathamanzari
(14.) आर्य फेसबुक
https://www.facebook.com/groups/aryavaidik
(15.) गीर्वाणवाणी
https://www.facebook.com/groups/girvanvani
(16) वीरभोग्या वसुन्धरा
https://www.facebook.com/groups/virbhogya
(17.) चाणक्य नीति को पसन्द करने वाले मित्र
https://www.facebook.com/groups/chaanakyaneeti/
(18.) वैदिक संस्कृत मित्र
https://www.facebook.com/groups/vedicsanskrit/
(19.) कुसुमाञ्जलिः
https://www.facebook.com/groups/kusumanjali/